Gå direkte til innholdet
Yugan Yugan Yogi
Spar

Yugan Yugan Yogi

युगन युगन योगी सद्गुरु की महायात्रा अस्तित्व की गुत्थियों को सुलझाने और सत्य की झलक पाने की कोशिश में मनुष्य हमेशा से यात्राएं करता रहा है. उसकी यात्रा की कहानियाँ युगों पुरानी हैं. कई बार ये यात्राएँ कुछ वर्षों में पूरी हो जाती है, तो कोई यात्रा कई जन्मों तक चलती है. पढ़िए एक ऐसी ही अनोखी यात्रा की कहानी, एक ऐसे असाधारण मनुष्य की कहानी, जिसने सत्य की खोज में अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया. एक विद्रोही, जिसे समाज के नियमों का उलंघन करने के लिए मौत की सज़ा मिली. राह में आई चुनौतियों उसे डिगा नहीं सकीं. उनका संकल्प नहीं घुटा, उनके अरमान नहीं टूटे, उनकी दीवानगी नहीं उतरी. और तीन सौ वर्ष बाद उसी इंसान ने एक ऐसी आध्यात्मिक क्रांति पैदा की, जिसने विश्व को हिला दिया. इस इंसान को आज हम सद्गुरु के नाम से जानते हैं. सद्गुरु एक आत्मज्ञानी, युगदृष्टा और योगी हैं, जिनकी सत्य की खोज उन्हें जीवन और मृत्यु के पर ले गयी. पढ़िए सद्गुरु के कई जन्मों की कहानी, इस पुस्तक में.
ISBN
9788183227933
Språk
Hindi
Vekt
310 gram
Utgivelsesdato
10.1.2017
Antall sider
318