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Sisakti Jhelam
Spar

Sisakti Jhelam

Forfatter:
pocket, 2020
Hindi
सपना की दुर्दशा का बदला लेने के लिए एक खुदा से डरने वाले और सच्चे नमाजी नूर का खुद आतंकवादी बन जाना सच्चे अर्थो में प्रेम की इस परिभाषा को सार्थक करता है कि सच्चा एवं आत्मिक प्रेम मजहब, बिरादरी, हैसियत आदि अन्य सामाजिक विषमताओं की दीवारों की परवाह नहीं करता और इस उक्ति को चरितार्थ करता है कि "प्रेम सिर्फ प्रेम होता है, इसके सिवा और कुछ नहीं होता।" संक्षेप में सुश्री विमलेश गंगवार को एक रोचक और ज्वलंत उपन्यास के लिए अति साधुवाद। जहाँ आजकल कविता संग्रहों के सामने हिंदी में नए उपन्यास बहुत कम नजर आ रहे है उसके लिए भी उपन्यास लिखने के सार्थक एवं सफल प्रयास के लिए लेखिका बधाई की पात्र हैं।
ISBN
9789385193712
Språk
Hindi
Vekt
122 gram
Utgivelsesdato
17.4.2020
Antall sider
88