Gå direkte til innholdet
Shesh Parichay Hindi
Spar

Shesh Parichay Hindi

Forfatter:
Hindi
कुल का त्याग करने वाली सविता की तेरह वर्ष बाद अपने पति से भेंट होती है। तेरह वर्ष तक रमणी बाबू की रखैल रहने के बाद सविता अपने पति का उतना ही आदर, भक्ति और स्नेह करती है। रमणी बाबू के कारण कुल त्याग कर उसके साथ तेरह वर्ष तक रखैल के रूप में रहने पर भी वह उससे प्रेम नहीं कर पाई। पति की कुल सम्पत्ति का सर्वनाश हो जाने के बाद वह अपने पति और अपनी बेटी की सहायता करने की कोशिश अनेक बार करती है। लेकिन उसकी बेटी और पति इतने स्वाभिमानी हैं कि वृन्दावन में जाकर दीन-हीनों की तरह रहना स्वीकार कर लेते हैं लेकिन उसकी रत्ती भर भी सहायता स्वीकार नहीं करते। यहां तक कि मां के सामने ही इकलौती बेटी दवा दारू के अभाव में मर जाती है और उसकी मौत सविता को सुख और ऐश्वर्य का जीवन ठुकरा कर अकेले और सामान्य नारी के रूप में रहने पर विवश कर देती है।
Forfatter
Sharat Chand
ISBN
9788128400742
Språk
Hindi
Vekt
310 gram
Utgivelsesdato
1.1.2024
Antall sider
212