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Seekhna! Aur Adhik Jaanen! Anyatha, Aap Par Kisi Ka Dhyaan Nahin Jaayega!
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Seekhna! Aur Adhik Jaanen! Anyatha, Aap Par Kisi Ka Dhyaan Nahin Jaayega!

Forfatter:
innbundet, 2025
Hindi
यह पुस्तक ब्रह्मांड, पृथ्वी और मानव जीवन के उस अद्भुत और अटूट संबंध की गहराइयों में उतरने का एक विनम्र प्रयास है, जहाँ सब कुछ आपस में जुड़ा है - दृश्य और अदृश्य रूप से। शिव तांडव की परम, गूढ़ और दिव्य लय के माध्यम से, यह रचना जीवन के रहस्यों की झलक देती है। यह तांडव केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति और संहार का प्रतीक है, जिसे समझना अत्यंत जटिल और फिर भी अत्यंत स्वाभाविक है। यह संग्रह उन विचारों, अनुभूतियों और तत्त्वों को समेटे हुए है जो जीवन के प्रत्येक स्तर पर आवश्यक हैं - प्रकृति की शुद्धता, धर्म का संतुलन, दर्शन की गहराई, और ज्ञान की शक्ति। इसके साथ ही यह पुस्तक जीवन के व्यावहारिक पहलुओं को भी छूती है - जैसे कि प्रतिभा, महत्वाकांक्षा, ईमानदारी, सत्य, भलाई, सतर्कता, सुरक्षा, आनंद, हास्य, संगीत, और उल्लास। यह प्रयास किया गया है कि इन जटिल विषयों को सरल, सहज और उपयोगी ढंग से प्रस्तुत किया जाए, ताकि यह पुस्तक पाठकों के लिए न केवल एक दार्शनिक सहयात्री बने, बल्कि एक व्यावहारिक मार्गदर्शक भी सिद्ध हो। इस पुस्तक में प्रस्तुत विषयवस्तु और उनकी व्याख्याएँ आपको आत्मचिंतन, चेतना और जीवन के गूढ़ अर्थों की ओर प्रेरित करेंगी। यह एक ऐसा दर्पण है, जिसमें आप अपने भीतर की छवि भी देख सकते हैं और ब्रह्मांड के विराट सत्य को भी।
Forfatter
Asaidurai
ISBN
9789375799085
Språk
Hindi
Vekt
449 gram
Utgivelsesdato
1.1.2025
Antall sider
324