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Ras Pravah
Spar

Ras Pravah

Forfatter:
pocket, 2021
Hindi
रस प्रवाह एक ऐसा काव्य संग्रह है जो प्राकृतिक रूप से बनता चला गया। यह एक सतत प्रयास न होकर गुरु की ऊर्जा और शिव की कृपा का परिणाम है। इसका आरम्भ महाकालेश्वर, उज्जैन में स्थित ज्योतिर्लिंग में ही हुआ था।
ऐसा कहते हैं कि गुरु स्वयं शिव हैं और शिव स्वयं गुरु हैं। जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी श्री अवधेशानंद गिरी जी के द्वारा प्रदत्त यह नाम "रस प्रवाह" उन्हीं का सामर्थ्य है।
"रस प्रवाह" जीवन की हर स्थिति में गुरु की प्रति पल सूक्ष्म उपस्थिति का गायन है।
Undertittel
(?? ??????): (?? ??????)
Forfatter
Harshita Soni
ISBN
9789390504107
Språk
Hindi
Vekt
95 gram
Utgivelsesdato
16.2.2021
Antall sider
74