
Nimbarkacharya Ka Bhakti Darshan
निंबार्काचार्य भक्ति दर्शन एक मूल्यांकन पुस्तक में समस्त वैष्णव दार्शनिकों एवं उनके द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों की व्याख्या करते हुए मुख्य रूप से निंबार्काचार्य जी के दर्शन का जिसमें " भक्ति " का विशेष स्थान है विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं प्रबुद्ध पाठक गणों को भारतीय दर्शन में वैष्णव दार्शनिकों पर अध्ययन एवं शोध हेतु एक विशिष्ट पुस्तक प्रस्तुत करना है। अतः यह पुस्तक निंबार्काचार्य का भक्ति दर्शन एक मूल्यांकन दर्शनशास्त्र के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं प्रबुद्ध पाठक गणों के ज्ञानार्जन में अधिक उपयोगी सिद्ध हो सकेगी ऐसा मेरा पूर्ण विश्वास है ।
- Forfatter
- Kulshrestha Som
- ISBN
- 9789355040466
- Språk
- Hindi
- Vekt
- 367 gram
- Utgivelsesdato
- 28.2.2022
- Antall sider
- 246
