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Meri Bhav Baadha Haro
Spar

Meri Bhav Baadha Haro

Forfatter:
pocket, 2022
Hindi

संगति सुमति न पावहीं परे कुमति कै धंध।
राखौ मेलि कपूर मैं, हींग न होइ सुगंध॥
जैसे "रामचरितमानस" के लिए तुलसीदास प्रसिद्ध हुए ठीक उसी प्रकार 'सतसई' के लिए बिहारीलाल प्रसिद्ध हुए। उपर्युक्त पद एक असाधारण उदाहरण है उनके कलेवर का। यह पुस्तक रांगेय राघव की पठनीय ही नहीं विश्वनीय भी है, जो आपको बिहारी के जीवन को नजदीक से देखने की सामर्थ्य रखती है।

Undertittel
Kavi Biharilal Ke Jeevan Per Aadharit Upanyas (मेरी भव बाधा हरो कवि बिहारीलाल के ज&#2368
ISBN
9789355991027
Språk
Hindi
Vekt
195 gram
Utgivelsesdato
24.8.2022
Antall sider
146