
Kankal Paperback, Jaishankar Prasad
काव्य झरना, आंसू, लहर, कामायनी, प्रेम पथिक।
कहानी आकाशदीप, गुंडा, पुरस्कार, सालवती, स्वर्ग के खंडहर में आँधी, इंद्रजाल, छोटा जादूगर, बिसाती, मधुआ, विरामचिह्न, समुद्रसंतरण। उपन्यास कंकाल, इरावती, तितली।
नाटक स्कंदगुप्त, चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, जन्मेजय का नाग, यज्ञ, राज्यश्री, कामना, एक घूंट।
प्रसाद ने साहित्य को एक अलग दृष्टि दी, उन्होंने द्विवेदी युग की इत्तिवृतात्मकता को भाव, रस तथा सरस संगीत से सराबोर किया, भारत के उन्नत अतीत को जीवंत कर राष्ट्रप्रेम को जाग्रत किया, आदि से अंत तक भारतीय संस्कृति एवं आदर्शो की भी रक्षा की। अतः संक्षेप में इनकी रचनाओं की शिल्पगत विधि, भाषासौष्ठव तथा भावाभिव्यक्ति ने ही इन्हें एक महान साहित्यकार बनाया
- Forfatter
- Jaishankar Prasad
- ISBN
- 9789390605422
- Språk
- Hindi
- Vekt
- 231 gram
- Utgivelsesdato
- 22.5.2021
- Antall sider
- 194
