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kabir sangati sadhu ki ek vimarsh
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kabir sangati sadhu ki ek vimarsh

कबीर संगति साधु की एक विमर्श उपर्युक्त पुस्तक में कबीर के विषय में प्रचलित भ्रांतियों को मिटाया गया है। कबीर अनपढ़ नहीं बल्कि पढ़े-लिखे थे। उनके माता-पिता कौन थे, यह अज्ञात है। वे विरक्त संत थे। पत्नी - बच्चे नहीं थे। उनकी मृत्यु के बाद शव के स्थान पर कुछ फूल पड़े मिले। शव गायब हो गया। कबीर जैसे तार्किक और वैज्ञानिक विचारों वाले संत के साथ ऐसे चमत्कार जोड़ना अनुचित है। वे परख अर्थात परीक्षण को सर्वोपरि मानते थे। कहते थे कि जानो तब मानो।
ISBN
9788119562619
Språk
Hindi
Vekt
310 gram
Utgivelsesdato
31.10.2024
Antall sider
194