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Jeevan Kranti Ke Sutra
Spar

Jeevan Kranti Ke Sutra

innbundet, 2021
Hindi
ओशो के प्रखर विचारों ने, ओजस्वी वाणी ने मनुष्यता के दुश्मनों पर, संप्रदायों पर, मठाधीशों पर, अंधे राजनेताओं पर, जोरदार प्रहार किया। लेकिन पत्र-पत्रिकाओं ने छापीं या तो ओशो पर चटपटी मनगढंत खबरें या उनकी निंदा की, भ्रम के बादल फैलाए। ये भ्रम के बादल आड़े आ गये ओशो और लोगों के। जैसे सूरज के आगे बादल आ जाते हैं। इससे देर हुई। इससे देर हो रही है मनुष्य के सौभाग्य को मनुष्य तक पहुंचने में।
Undertittel
Sambhog Se Samadhi Ki Aur - 4 (???? ???????? ?? ????? ????? ?? ????? &
ISBN
9789355991737
Språk
Hindi
Vekt
259 gram
Utgivelsesdato
19.5.2021
Antall sider
118