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Jeevan Ek Anveshan
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Jeevan Ek Anveshan

''मैं आपको सबसे छोटी, सबसे सीधी राह बताऊँ; आप जानना चाहेंगे? ये है सिर्फ़ अवलोकन करना और फिर वहीं समाप्ति। मतलब कि अवलोकन करना, देखना, ताकि कोई अवलोकनकर्ता, देखने वाला न हो, बगैर उस अतीत के अवलोकन करना। केवल तभी आप भय की उस सकलता को, पूरेपन को देख पाते हैं, और वह खत्म हो जाता है। यह अपरोक्ष, सीधा-सादा है, अगर आप इसे कर पाएँ तो...'' 'जीवन एक अन्वेषण' में जिड्डू कृष्णमूर्ति तथा जीने की कला के सह-अध्येताओं के बीच चौदह सघन संवादों का संचयन है। इन संवादों में ध्यान से सुनने के, आग्रहों और निष्पत्तियों से मुक्त रहने के एवं जीवन के गहरे प्रश्नों तथा व्यापक व नित्यनूतन प्रत्यक्ष बोध की सतत् तहकीकात के पथ-संकेत उजागर होते हैं। ¬जो प्रयोगधर्मी हैं, एवं स्वयं को जानने की प्रक्रियाओं में गहरे पैठना चाहते हैं, उनके लिए यह किताब अनमोल साबित होगी।
ISBN
9789386534385
Språk
Hindi
Vekt
310 gram
Utgivelsesdato
1.1.2023
Antall sider
304