Gå direkte til innholdet
Hell for the people  (Edition1st)
Spar

Hell for the people (Edition1st)

Forfatter:
Hindi
प्रो. विकास शर्मा का उपन्यास 'हेल फॉर द पीपल' राजनीति, सत्ता और आम जनता के जीवन पर उसके प्रभावों का व्यापक और आलोचनात्मक चित्र प्रस्तुत करता है। यह उपन्यास प्राचीन राजतंत्रों से लेकर आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं तक सत्ता की निरंतर क्रूरता और जन-पीड़ा को उजागर करता है। उपन्यास में 'नरक' एक रूपक के रूप में उभरता है, जो शासकों की महत्वाकांक्षा, सत्ता-लालसा और दमनकारी नीतियों से जनता के जीवन में निर्मित होता है।
लेखक इतिहास की अनेक घटनाओं-जैसे अशोक, औरंगजेब, हिटलर, स्टालिन, 1975 का भारतीय आपातकाल, 1984 के दंगे, पूँजीवाद और राजनीति के गठजोड़ तथा अन्ना हजारे के आन्दोलन आदि को कथात्मक ढाँचे में पिरोते हैं। उपन्यास लोकतंत्र की विडंबनाओं, नौकरशाही की निष्क्रियता, मीडिया नियंत्रण और आर्थिक असमानताओं को भी उजागर करता है। राजघरानों के पतन, औद्योगिक पूँजीपतियों के उदय और आम आदमी की विवशता के माध्यम से सत्ता की वास्तविकता सामने आती है।
यह उपन्यास केवल राजनीतिक इतिहास नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, नैतिक प्रश्नों और अस्तित्वगत संघर्षों का भी दस्तावेज है। अंततः 'हेल फॉर द पीपल' पाठकों को यह सोचने पर विवश करता है कि सत्ता का वास्तविक मूल्य कौन चुकाता है-शासक या शासित ।
Forfatter
Vikas Sharma
ISBN
9789374769072
Språk
Hindi
Vekt
310 gram
Utgivelsesdato
23.12.2025
Antall sider
154