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Hari Pattiyan, Pile Phool Aur Sukha Darakht
Spar

Hari Pattiyan, Pile Phool Aur Sukha Darakht

Forfatter:
pocket, 2021
Hindi
भारतीय राजस्व विभाग में कमिश्नर के पद पर कार्यरत आभा काला जी की कविताएँ मानवीय संवेदनाओं का साक्षात दर्पण है. कविताओं के माध्यम से आभा जी जीवन में मानवीयता एवं आत्मीयता को सर्वोपरि माना है. जीवन में अपने कार्य को आदर्श मानने वाली आभा जी की यह तीसरी किताब है.
Forfatter
Abha Kala
ISBN
9789390500222
Språk
Hindi
Vekt
141 gram
Utgivelsesdato
1.4.2021
Antall sider
114