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Ekkishvin Sadi Ke 131 Shreshth Vyangykar
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Ekkishvin Sadi Ke 131 Shreshth Vyangykar

Forfatter:
innbundet, 2020
Hindi
*****21 वीं सदी के 131 श्रेष्ठ व्यंग्यकार***** ""21 वीं सदी के 131 श्रेष्ठ व्यंग्यकार""I संपादक लालित्य ललित, राजेशकुमारI प्रलेक प्रकाशन का गौरवशाली प्रकाशन, 21वीं सदी के 131 श्रेष्ठ व्यंग्यकार ऐसा ऐतिहासिक, अपूर्व, और अनन्य संकलन है, जो हर पाठक के निजी पुस्तकालय की शोभा बनने और उपहार में दिए जाने के योग्य है। इसका संचयन साहित्य जगत के दैदीप्यमान सितारों-लालित्य ललित और राजेशकुमार ने किया है। इसमें चयनित सभी व्यंग्यकार श्रेष्ठ लेखन के कारण स्थापित हस्ताक्षर हो चुके हैं। संकलन की विशेषता व्यंग्य और उसके विविध पक्षों पर लिखी गई दीर्घ भूमिका है, जो न केवल व्यंग्य के प्रतिमानों को स्पष्ट करती है, बल्कि पाठकों को व्यंग्य को समझने के उपकरण भी प्रदान करती है। यह शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी संदर्भ ग्रंथ है। संकलन में शामिल रचनाओं में व्यंग्य लेखन की विविध शैलियों, भाषिक प्रयोगों, वक्रोक्ति, व्यंजना, तंज, उपहास, उपमा, रूपक, आदि दिखाई देते हैं। लेखकों ने अद्भुत शैली प्रयोग किए हैं, जैसे हरियाणवी, और हैदराबादी भाषा रूपों में लेखन। इन रचनाओं में फ़ैंटेसी, संवाद, साक्षात्कार, विवरण, वर्णन, नाटकीयता, कथोपकथन, मिथक, आदि कथ्य रूपों के दर्शन होते हैं। शामिल व्यंग्य के विषय जहाँ अनूठे है वहीं आपकी मनन शक्ति और चेतना को झकझोरने में भी सक्षम है। लेखकों ने परिचित और अपरिचित सभी विषयों पर लेखनी चलाई है। रचनाएँ मनोरंजक होने के साथ-साथ उद्वेलित करने में भी सक्षम है।
Forfatter
Lalitya Lalit
ISBN
9789390410101
Språk
Hindi
Vekt
839 gram
Utgivelsesdato
11.5.2020
Antall sider
558