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Ek Krantikari Sangthan Aryasmaj
Spar

Ek Krantikari Sangthan Aryasmaj

pocket, 2025
Hindi
स्वामी दयानंद जी महाराज के आदर्शों को लेकर जब आर्य समाज आगे बढ़ा तो उसे हर क्षेत्र में आशातीत सफलता प्राप्त हुई। इसका कारण यह था कि उसने वेदों के आदर्श को और वेदों की आदर्श सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था को अंगीकार कर लिया था। एक क्रांतिकारी संगठन ने क्रांति पुरुषों का निर्माण किया। क्रांति वीरों की टोलियां सजी और सर्वत्र क्रांति की लहर फैल गई।
पुस्तक में जहां आर्य समाज के गौरवशाली अतीत की ओर संकेत किया गया है वहीं कुछ ऐसे छेदों की ओर भी संकेत किया गया है जो आज को बोझिल और भविष्य को चोटिल कर रहे हैं।
Undertittel
Kal Aaj Aur Kal (?? ??????????? ????? ???????? ?? ?? ?? ?&
ISBN
9789359644691
Språk
Hindi
Vekt
177 gram
Utgivelsesdato
19.3.2025
Antall sider
146