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Chook
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Forfatter:
Hindi
"कहानीकार मोहम्मद आरिफ़ किस्सागोई के लिए जाने जाते हैं। वे बड़ी-से-बड़ी और गम्भीर बात बहुत सहजता से कह जाते हैं। भारतीय समाज की विविधता और सद्भाव को नष्ट करने वाली कट्टरता और अंध धार्मिकता को आरिफ़ की कहानियाँ बेहद प्रभावशाली ढंग से उद्घाटित करती हैं। 'चूक' के साथ इस संग्रह की अन्य कहानियाँ यथा 'नंगा नाच' और 'मौसम' बदल रही दुनिया में साधारण लोगों के जीवन और यथार्थ का बखूबी चित्रण करती हैं। कहना न होगा कि मोहम्मद आरिफ़ ने जिस निष्पक्ष निगाह, निजी संवेदनशीलता और गहरी पक्षधरता के साथ इन कहानियों को रचा है, वह सराहनीय हैं। सुल्तानपुर ( उत्तर प्रदेश) में 7 मई 1961 को जन्मे मोहम्मद आरिफ़ हिन्दी के जाने-माने कथाकार हैं। उनके चर्चित कहानी-संग्रहों में फिर कभी, फूलों का बाड़ा, चोर सिपाही हैं। उनका एक उपन्यास उपयात्रा भी प्रकाशित हुआ है। अपने कथा लेखन के लिए उन्हें प्रेमचंद स्मृति कथा सम्मान मिला है और उनकी कहानियों का एक विशिष्ट संचयन मैं और मेरी कहानियाँ भी प्रकाशित हुआ है। वर्तमान में बिहार के समस्तीपुर में निवास कर रहे मोहम्मद आरिफ़ को नयी पीढ़ी के श्रेष्ठ कथाकारों में माना जाता है। संपर्क cpssamastipur@gmail.com"
Forfatter
Mohammad Arif
ISBN
9789393267207
Språk
Hindi
Vekt
310 gram
Utgivelsesdato
1.12.2022
Antall sider
112