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BANDHAK
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BANDHAK

नब्बे में भारत में एक हौलनाक, लज्जास्पद राजनीतिक घटना घटी। कश्मीर में हिंदू जिनोसाइड। इस समय के आसपास भासपास जो बच्चे जन्मे थे वेः थे वे अकथनीय संकटों, भयानक कष्टों और अभावों में टैंटों में पले। ये युवा हुए तो सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया। २००६ ईस्वी में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने एक पैकेज की घोषणा की जिस पर अमानवीय, असंवैधानिक, डरावनी शर्तें रखी गई और जिसके नाम पर इन्हें अभिशप्त जीवन जीने को बाध्य किया गया। इन्हें तड़पाया गया और वह क्रूरता और अधिकार हनन का यह क्रम जारी है....इस की बहुपक्षीय पड़ताल करता है उपन्यास " बंधक"।
ISBN
9789358695786
Språk
Hindi
Vekt
310 gram
Utgivelsesdato
22.9.2025
Antall sider
326