
Baithak Jari Hai
भारतीय समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करतीं ये व्यंग-व्यथाएं जहां हास्य-सिक्त कटाक्षों एवं पैने संवादों की बहुरंगी कूचियों से पात्रों में प्राण फूंकती हैं वहीं अजीबो-गरीब तर्क में पारंगत हो चले इनके पात्र इन कथाओं के साथ अपेक्षित बेरहम न्याय करते हैं। यह दोतरफा आंतरिक संतुलन इन रचनाओं को पठनीय व सराहनीय बना गया है।
- Forfatter
- Antar Jagdish
- ISBN
- 9788128835261
- Språk
- Hindi
- Vekt
- 310 gram
- Utgivelsesdato
- 1.6.2012
- Forlag
- DIAMOND BOOKS
- Antall sider
- 166
