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Alaukik Rahasya Katha ek Sant ki  (Edition1st)
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Alaukik Rahasya Katha ek Sant ki (Edition1st)

ओशो शिष्य स्वामी चैतन्य वीतराग (बाबा जी) द्वारा हस्तलिखित डायरी "हरि अनंत हरि कथा अनंता" शीर्षक से आठ भागों में प्रकाशित हुआ है।
प्रस्तुत संकलन आठ भागों में बिखरे बाबा जी द्वारा स्वयं के प्रति रहस्य उद्घाटन, जीवनी, साधकों के प्रति संदेश, संस्मरणों को समेटने का प्रयास किया गया है।
मैं वही प्रकाश बनने जा रहा हूँ। मै उसी सौभाग्य को मनुष्य जाति के सामने प्रकट करने जा रहा हूँ। लेकिन इस जन्म में नहीं-यह तो तैयारी में ही गुजर जाएगा। मेरी भूमिका अब एकदम स्पष्ट हो गई है। विधि के हाथों मेरा भविष्य लिखा जा चुका है। मैं मेघ राशि हो गया हूं। मैं बरस पड़ने को उद्वत शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा कर रहा हूं। अपनी सघनता के कारण हुंकार भरते हुए यत्र-तत्र विचरण कर रहा हूं यानी मैं कह रहा हूं मैं आ रहा हूं, मैं आ रहा हूं।
ISBN
9789371224147
Språk
Hindi
Vekt
310 gram
Utgivelsesdato
25.8.2025
Antall sider
146