Gå direkte til innholdet
???? ?? ??? ?? ???? ?? ????
Spar

???? ?? ??? ?? ???? ?? ????

pocket, 2021
Hindi
अनजाने में बहुत कुछ दे गये,जिसका संज्ञान आज अचानक अपनी पेन्टिंग को देखते हुए हुआ।आज जब लोग तारीफ करते हैं तो उस तारीफ के असली हकदार बाबूजी ही हैं। मैं और मेरी बहिन नम्रता चित्र बनाते और रंगों को भरते ।पर उनकी पारखी नज़र ने परखा,और एक अच्छे चित्रकार की तलाश करने में लग गये।पचमढी सन् 1978 में ट्रान्सफर होकर अमृतसर से आये,और इत्तिफाक से बी एड कोलिज में राय अंकल से मुलाकात हुई। जहाँ पता चला कि उनकी 86वर्षीय माताजी ना केवल कलाकार हैं अपितु सिखाती भी हैं।.
ISBN
9789386619822
Språk
Hindi
Vekt
104 gram
Utgivelsesdato
29.7.2021
Antall sider
82