
Vismriti Ke Beech (???????? ?? ???)
इन्होंने प्रसिद्ध जर्मन कवि रेनय मारिया रिल्के और चीनी दार्शनिक लाओत्सु की कविताओं का अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद किया है।
इनकी कोशिश रही है उपनिषद-ज्ञान और हिंदुत्व की ग्राह्यता को सुगम बनाने की, तो इसी क्रम में इन्होंने उपनिषद एवं हिन्दू-हिंदुत्व की पुस्तकें लिखी हैं।
इन्होंने छांदोग्य उपनिषद की कहानियों का हिंदी में पुनःलेखन किया है और उपनिषदों पर चार पुस्तकें लिखी हैं।
इला कुमार की कविताएं कई भाषाओं में अनुवादित हुई हैं- यथा बंगाली, पंजाबी, उड़िया, अंग्रेजी, जापानी वगैरह में। इनका प्रसिद्ध काव्य संग्रह "जिद मछली की" अंग्रेजी में (2011) अनुवादित हुआ है। इनकी रचनाएं भारत एवं विदेश की प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं।
इन्हें अमेरीका, लंदन, सिंगापुर आदि देशों में विभिन्न विषयों पर वक्तव्य देने, चर्चा करने एवं काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया जाता है।
प्रथम काव्य-संग्रह "जिद मछली की" (1995) द्वितीय काव्य संग्रह किन्हीं रात्रियों में (2002) उपन्यास "कृति का" (2004) रिल्के की कविताएं "टूटे पंखों वाला समय" (2002) चीनी दार्शनिक लाओत्शु की सूक्तियाँ (2009)।
छान्दोग्य उपनिषद-कथाएं (2005) चार खण्डों में 1970-2004 तक की कविताएं (2007) हिन्दू-हिंदुत्व (2012), उपनिषद की कहानियां (2013) आज पूरे शहर पर (2014) चुनी हुई कविताएं (2015) कहानी-संग्रह "ब्ल्यू चिप की अंधेरी तह" (2016) "स्टोरीज आफ उपनिषद" द्वि-भाषीय पुस्तक (2017) तथा "हमारे समय में उपनिषद" (2018) चार खण्डों में 1970-2004 तक की कविताएं पुनःप्रकाशित (2020)
सम्मान एवं पुरस्कार मुक्तिबोध पुरस्कार/नागपुर (2007) विश्व हिंदी प्रचेता अलंकरण/कानपुर (2013), साहित्य श्री सम्
- Kirjailija
- Ila Kumar
- ISBN
- 9789390960842
- Kieli
- Hindi
- Paino
- 581 grammaa
- Julkaisupäivä
- 5.8.2021
- Kustantaja
- diamond pocket books pvt ltd
- Sivumäärä
- 142