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Teen Natak  (Edition1st)
Tallenna

Teen Natak (Edition1st)

पंडित दुनिया में ई दुख-सुख सब पुरुबिला करम से हा। हमरा सर-कार एतना साधु- महतिमा, देवी देवता के सेवा-टहल दान-पुन्न करत बाड़ें, एकर फल ओनके आगे मिली। हमरा अमहरा के लखपती महाजन लोटनसाहु जे नौका ठकुरबाड़ी बनवलै हाँ, सदाबरत लगौले बाड़ें, एकर फल बाँव ना जाई। एहि जिनगी के पुन्न के फल भोग-सुख अगिला जनम में मिली नोहर पछिले जनम के कइल पुन्न के फल एहि बखत मिलि रहल बा। नोहर पुन्न के फल बाकी पंडित जी लोटन साहु लइकैंया अपना चाचा के साथ कपारे पा दौरी ध के तेल बेंचत रहलन। ओहि बखत पछिला जनम के पुन्न सहाइ ना भइल। दौरी- दूकान राखि के एक के डेढ़ा करै लगलै, गरीबन के कमाइल धन अपना घरे सहेटे लगलैं। फेनु सवाई सूद पर रुपया लगावे लगलें, तब जमा होये लागल। जेतना धन औ रुपया साहू के पाले बा, ऊ सब हमनी लेखाँ कमेरन के पेट काटि के जमा भइल बा।
ISBN
9789356825956
Kieli
Hindi
Paino
310 grammaa
Julkaisupäivä
22.4.2024
Sivumäärä
98