
Sanskritik Rashtravad Ke Purodha Bhagwan Shriram
मेरा विचार है कि पाठक वृन्द और विशेष रूप से आज का युवा वर्ग यदि इस पुस्तक का इसी दृष्टिकोण से अध्ययन करेगा कि श्रीराम के जीवन से हम क्या शिक्षा ले सकते हैं या कैसे श्रीराम हमारे व्यक्तित्व विकास में सहायक हो सकते हैं? तो निश्चय ही हमारे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के कण-कण में रमे श्रीराम हमारा कदम-कदम पर मार्गदर्शन करते हुए दिखाई देंगे। मैं यह भी कहना चाहूंगा कि यदि हमने श्रीराम के चरित्र को हृदयंगम कर लिया तो निश्चित ही यह पुस्तक आज के युवा वर्ग के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध होगी।
- Alaotsikko
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- Kirjailija
- Rakesh Kumar Arya
- ISBN
- 9789354864667
- Kieli
- Hindi
- Paino
- 222 grammaa
- Julkaisupäivä
- 5.8.2021
- Kustantaja
- diamond pocket books pvt ltd
- Sivumäärä
- 170