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Sangram
Tallenna

Sangram

मुंशी प्रेमचंद ने इस नाटक में किसानों के संघर्ष का सजीव चित्रण किया है। इस नाटक में लेखक ने पाठकों का ध्यान किसान की उन कुरीतियों और फिजूल-खर्चियों की ओर दिलाने की कोशिश की है जिसके कारण वह सदा कर्जे के बोझ से दबा रहता है। और जमींदार और साहूकार से लिए गए कर्जे का सूद चुकाने के लिए उसे अपनी फसल मजबूर होकर औने-पौने दाम में बेचनी पड़ती है।
ISBN
9789390852253
Kieli
Hindi
Paino
310 grammaa
Julkaisupäivä
1.3.2021
Sivumäärä
154