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Prvahini
Tallenna

Prvahini

अब लैपटॉप थोड़ा सहारा तो देता है, मगर वो एहसास, वो अपनापन जो स्याही से कागज़ पर उतरता था, उसकी जगह नहीं ले सकता। इसी तन्हाई के दौर में कुछ एहसास शब्दों में ढलते जाते हैं, और कहानियाँ बनती जाती हैं। ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव, यादों की परछाइयाँ, और दिल में दबी अनकही बातें-इन्हीं से मेरा रिश्ता है। शब्द मेरे साथी हैं, और हर कहानी मेरे दिल का एहसास। यह किताब सिर्फ़ कागज़ पर लिखे अक्षर नहीं, बल्कि जज़्बातों का एक आईना है, जिसमें हर कोई अपनी परछाईं देख सकता है। अगर कभी किसी पन्ने पर आपकी आँखें रुकीं और दिल ने एक धड़कन महसूस की, तो समझिए, मैंने जो कहना चाहा, वह आप तक पहुँच गया। शब्दों में, यादों में, और आप तक पहुँचने की उम्मीद में। - रीता डोबरियाल

Kirjailija
Reeta Dobriyal
ISBN
9789360484255
Kieli
Hindi
Paino
310 grammaa
Julkaisupäivä
20.3.2025
Sivumäärä
54