
Paryavaran Vaastu
1. शुद्धवायु 2. शुद्धजल 3. शुद्ध प्रकाश 4. शुद्ध आकाश एवं 5.शुद्ध पृथ्वी। वास्तु भी वायु, जल, अग्नि, आकाश एवं पृथ्वी इन पांचो तत्वों के अनुपातिक सन्तुलन पर निर्भर करता है। अतः वास्तु एवं पर्यावरण का गहरा सम्बन्ध है। परन्तु इस विषय पर कोई पुस्तक लाइब्रेरी या बाजार में उपलब्ध नहीं है। सम्भवतः यह विश्व की पहली पुस्तक है, जिसमें प्राचीन शास्त्र को अत्याधुनिक शैली में समझाया गया है।
- Kirjailija
- Bhojraj Dwivedi
- ISBN
- 9788171822010
- Kieli
- Hindi
- Paino
- 310 grammaa
- Julkaisupäivä
- 8.2.2022
- Kustantaja
- DIAMOND BOOKS
- Sivumäärä
- 208