
Nirupama (???????)
रचना क्रम की दृष्टि से निरुपमा निराला का चौथा उपन्यास है। पहले के तीन उपन्यासों-अप्सरा, अलका और प्रभावती की तरह इस उपन्यास का कथानक भी घटना-प्रधान है। स्वतंत्रता आन्दोलन के दिनों में, खासकर बंगाल में समाज-सुधार की लहर पूरे उभार पर थी। इसी समायावधि में निराला ने निरूपमा उपन्यास की रचना की।
- Kirjailija
- Suryakant Tripathi
- ISBN
- 9789355990778
- Kieli
- Hindi
- Paino
- 310 grammaa
- Julkaisupäivä
- 24.8.2022
- Kustantaja
- DIAMOND BOOKS
- Sivumäärä
- 122