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Nauvan Geet
Tallenna

Nauvan Geet

नौवाँ गीत" काव्य संकलन में रवीन्द्रनाथ टैगोर प्रेम, प्रकृति, आध्यात्मिकता, मानवीय भावनाओं और सामाजिक मुद्दों जैसे विभिन्न विषयों की पड़ताल करते हैं। उनकी कविताएँ प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध और मानवीय अनुभवों की गहरी समझ को दर्शाती हैं। अपने काव्य संकलन में रवीन्द्रनाथ जी भावुकता और आध्यात्मिक अनुभूति भी व्यक्त करते हैं। उनके इस काव्य संकलन में प्रकृति का महत्त्वपूर्ण स्थान है। इन कविताओं का वर्णन इन्हें जीवंत और आकर्षक बनाता है। संकलन की कविता "निर्झर का स्वप्नभंग" भारतीय स्वतंत्रता की खोज से सम्बंधित है। साम्राज्यवाद के शिकंजे में जकड़े लोगों को मताधिकार के लिए क्रान्ति का सहारा लेना पड़ता है। आत्माओं की उथल-पुथल के बाद लोग अपने आसपास की जेलों से मुक्त होने का आग्रह करते हैं।
ISBN
9789356824072
Kieli
Hindi
Paino
310 grammaa
Julkaisupäivä
8.8.2023
Sivumäärä
82