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Kya-Kya Dekha Es Ayodhyaa Ne (Hindi)
Tallenna

Kya-Kya Dekha Es Ayodhyaa Ne (Hindi)

सारी दुनिया अब तक अयोध्या को अपने-अपने हिसाब से जान चुकी है, जान रही है। जो अयोध्या कभी भारतीय मन के अवचेतन में बसी हुई थी, वह आज अंतरराष्ट्रीय अंतरचेतना का विषय हो गई है। इस पुस्तक में श्रीराम के वनगमन के पहले, वनगमन के बाद और रामराज के साथ अयोध्या में क्या हुआ था, कौन-कौन लोग भूमिका में थे, इस पर चिंतन किया गया है। तीन पात्रों के माध्यम से यह पुस्तक अयोध्या के दर्शन करवाएगी 1. लक्ष्मणजी ने अयोध्या को किस प्रकार देखा - समझा 2. श्रीराम की दृष्टि में अयोध्या 3. सीताजी ने अयोध्या को कैसे जिया इन तीनों ने जो-जो और जिस प्रकार से अयोध्या को देखा, उसे वे स्वयं सुना रहे हैं। यही इस पुस्तक का भाव है। हम सब अयोध्या को इतिहास के पृष्ठों में ढूंढते हैं। पा भी लेते हैं। लेकिन चलिए, इस पुस्तक में श्रीराम, सीताजी और भाई लक्ष्मण के साथ कुछ अनूठे दृश्य, नए विचार, जो आज हमारे जीवन के लिए बड़े काम के हैं, उन्हें देखने-समझने का प्रयास करते हैं। वह अयोध्या तो बाहर बसी है, पर एक अयोध्या हमारे भीतर भी है। उसी अयोध्या में हम सारे पात्र पाएंगे, यदि इस पुस्तक से ठीक से गुजर जाएं।
ISBN
9789355437532
Kieli
Hindi
Paino
120 grammaa
Julkaisupäivä
18.3.2024
Sivumäärä
140