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Katha-Gorakhpur Khand-2 (???-??????? ???-2)
Tallenna

Katha-Gorakhpur Khand-2 (???-??????? ???-2)

जाग मछंदर गोरख आया कह कर अपने गुरु को ही जगाने वाले महाकवि गुरु गोरखनाथ ने लिखा है न
मरो वै जोगी मरौ, मरण है मीठा ।
मरणी मरौ जिस मरणी, गोरख मरि दीठा
यहां गोरख, अहंकार को मारने की बात करते हैं। तो गुरु गोरखनाथ की धरती की गमक में गमकती कथा - गोरखपुर की यह कहानियां दिल की घाटियों में संतूर की तरह बजती हैं। कथा - गोरखपुर की खास खासियत यह है कि कमोवेश सभी कहानियां गोरखपुर की माटी की खुशबू में तर-बतर हैं। इन कथाओं में गोरखपुर की माटी ऐसे बोलती है जैसे मां बोलती है। एक से एक नायाब कहानियां हैं इस कथा - गोरखपुर में । गोरखपुर की माटी की महक इन कथाओं में महकती, गमकती और इतराती हुई इठलाती मिलती है।

Kirjailija
Dayanand Pandey
ISBN
9789355995780
Kieli
Hindi
Paino
310 grammaa
Julkaisupäivä
9.1.2023
Kustantaja
DIAMOND BOOKS
Sivumäärä
174