
Kakke Ke Chchake
हास्य अगर चौके हैं, तो चुटीले व्यंग इसलिए छक्के भर है क्योंकि मैदान में अभी सत्ते का चलन नहीं है।
यह पुस्तक काका के इन्हीं अचूक छक्कों का आनन्द लेकर आपके पास आई है। उठाइये और पढ़िये-पढ़ाइये....
- Kirjailija
- Kaka Hathrasi
- ISBN
- 9788128815560
- Kieli
- Hindi
- Paino
- 310 grammaa
- Julkaisupäivä
- 8.9.2023
- Kustantaja
- DIAMOND BOOKS
- Sivumäärä
- 160