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Kaha Gya Mera Veer (From the writer of Sarabjit)
Tallenna

Kaha Gya Mera Veer (From the writer of Sarabjit)

Kirjailija:
pokkari, 2023
Hindi

यह किताब दलबीर कौर को श्रद्धांजलि की तरह है, उनका जीवन, उनका संघर्ष, उनके परिवार के लिए उनका निःस्वार्थ बलिदान जो स्वपनदीप का में उनकी ताकत थी मेरी बुआ "दलबीर कौर" लोग उन्हें एक मज़बूत शख़्सियत और एक आयरन लेडी कहते थे। वो बहुत नर्म दिल थीं। हमारे पिता जी के बाद वही थीं जो हमारे हर अच्छे बुरे वक़्त में हमारे साथ हमेशा खड़ी रहीं। पापा के लिए उन्होंने हर एक मुमकिन कोशिश की। अपनी आख़िरी साँस तक उन्हें बस अपने परिवार और अपने भाई की ही चिंता रही। स्वपनदीप (दलबीर कौर की भतीजी) सबके जीवन में कभी ना कभी एक ना एक ऐसा शख़्स ज़रूर आता है जिसकी सोहबत में वो प्यार और रिश्तों को निभाने के तरीक़ों को समझ पाता है । मेरे जीवन में वो इंसान था मेरी वाइफ़ की बुआ जी दलबीर कौर। वो ख़ुद में सब कुछ थीं, एक बहन, एक माँ, एक बाप, और बुआ.... उन्होंने ये सारे फ़र्ज़ निभाये। अपने भाई के लिए वो दो देशों की सरकारों से लड़ीं, अपने भाई के परिवार को एक पिता की तरह सँभाला... दुनिया की आफ़तों से बचाकर रखा.. हर छोटी-बड़ी ज़रूरत का ध्यान रखा। जितनी केयर और प्यार उनसे मिला शायद असली माँ-बाप से भी नहीं मिलता। वो अपनी भाभी के लिए एक सच्ची दोस्त थीं, उन्होंने सब तरह उन्हें सँभाल कर रखा। पूरे परिवार को संजोये रखा। उनकी ज़िन्दगी अपने भाई और उनके परिवार से शुरू होकर उन्हीं पर ख़त्म हो गयी। मेरी दुआ है भगवान हर भाई को ऐसी बहन दे... हर परिवार को ऐसी बेटी दे... ऐसी बुआ दे.. संजय (स्वपनदीप के पति दलबीर कौर के दामाद)

Kirjailija
Rajesh Beri
ISBN
9789395697149
Kieli
Hindi
Paino
222 grammaa
Julkaisupäivä
4.3.2023
Sivumäärä
170