
Dhirubhaism
यह पुस्तक धीरूभाई के जीवन या उन्होंने अपना व्यावसायिक साम्राज्य कैसे बनाया, इस विषय पर नहीं लिखी गयी है । लेखक ने धीरूभाई में उन असाधारण अंतर्दृष्टियों को सहजने का प्रयास किया है, जिन्हें उन्होंने धीरूभाई के साथ लम्बे समय तक काम करते हुए सीखा । इस पुस्तक में 15 धीरूबाइज्म के दार्शनिक विचारों को समग्र रूप में एक साथ रखने से ही धीरूभाई का कार्य दर्शन स्पष्ट होता है । जिससे भारत के सबसे अधिक सफल उद्यमियों में एक धीरूभाई की चिन्तन प्रक्रिया व अभ्यासों की झलक मिलती है ।
ए. जी. कृष्णमूर्ति, मुद्रा कम्युनिकेशन के संस्थापक चेयरमैन व एम. डी. हैं, उन्होंने 35,000 की कुल पूंजी व एक ग्राहक के साथ एजेंसी की शुरुआत की । नौ वर्षों के भीतर ही, 'मुद्रा' भारत की तीसरी विशाल विज्ञापन एजेंसी बन गयी।
इस समय श्री कृष्णमूर्ति जी, ए.जी.के. ब्रांड कन्ल्टिंग के चेयरमैन पद पर हैं। उनकी चार संताने हैं, जिनमें से तीन पुत्रियाँ व एक पुत्र है । वे अपने परिवार के साथ हैदराबाद व अहमदाबाद में रह रहे हैं।
- Kirjailija
- A. G. Krishnamurthy
- ISBN
- 9788128815454
- Kieli
- Hindi
- Paino
- 310 grammaa
- Julkaisupäivä
- 1.6.2006
- Kustantaja
- Diamond Pocket Books
- Sivumäärä
- 100