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Ashok Arora kii pratinidhi kavitayen
Tallenna

Ashok Arora kii pratinidhi kavitayen

Kirjailija:
pokkari, 2020
Hindi
अशोक अरोरा जी का जन्म 1953, 9 मई को हुआ था । सन् 2013 मई 31 को सेवानिवृत्त होने के पश्चात् अपना अधिकतर समय कविता लिखने में ही व्यतीत करते थे । SAS का एग्जाम सन् 1980 में पास किया था; जिसमें पूरे भारत में अव्वल स्थान प्राप्त किया था । CDA में सरकारी नौकरी की थी । अपनी जिन्दगी में कभी बीमार नहीं पड़े परन्तु अचानक ही 5 जुलाई को सुबह सैर करने के पश्चात् घर पर आए तो अचानक सर दर्द हुआ और पता चला कि ब्रेन हेमरेज हो गया । दूसरों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते थे । अपनी लाइफ में पूरी नौकरी दिल्ली में की थी । सुबह 4 बजे उठकर नहा-धोकर पूजा-पाठ करते थे । रोज गीता का पाठ करते थे । मंगलवार को हनुमान जी का व्रत रखते थे । बच्चों व बच्चों के बच्चों को बहुत प्यार करते थे । ऑफिस में समय से जाना, ऑफिस के बहुत ही करीब थे I सबका सम्मान करते थे और ऑफिसर भी उनका बहुत सम्मान करते थे । फैमिली में सभी से प्यार करते थे । उनकी फैमिली में ये केवल तीन भाई थे । अशोक जी सबसे बड़े बाकी दोनों भाई वेल सेटल्ड हैं । अपनी-अपनी फमिली में खुश हैं । माँ हैं जो अभी 90 वर्ष के करीब हैं । आस-पड़ौस सभी से अच्छी मुलाकात थी । अपने दोस्तों के साथ भी बहुत ही मिले जुले थे I सबसे बड़ी बात यह है कि खुश मिजाज थे । सभी से हँसी-खुशी बोलना, पल भर में सभी को अपना बना लेते थे । अपने परिवार में भी (खानदान) सभी उनसे बहुत खुश रहते थे । अपने ससुराल में भी अपनी ख़ास जगह बना रखी थी ।
ISBN
9788194507215
Kieli
Hindi
Paino
213 grammaa
Julkaisupäivä
1.6.2020
Sivumäärä
162