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Refugees Ek Prashn
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Refugees Ek Prashn

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"रिफ्यूजी एक प्रश्न?" शीर्षक से एक पुस्तक है जो शरणार्थियों की दुर्दशा और उनके संघर्ष को उजागर करती है। यह पुस्तक विश्वभर में शरणार्थियों की स्थितियों और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने का एक प्रयास है। इसमें युद्ध, संघर्ष, और राजनीतिक अशांति के कारण अपने देशों से विस्थापित होने वाले लोगों की कहानियों का संकलन किया गया है। यह पुस्तक न केवल शरणार्थियों के जीवन की कठिनाइयों को दर्शाती है, बल्कि उनके साहस और आशावाद की भी कहानी कहती है। इसमें बताया गया है कि कैसे ये लोग नई जगहों पर अपना जीवन पुनः स्थापित करने के लिए संघर्ष करते हैं। विभिन्न संस्कृतियों और परिवेशों में ढलने की उनकी यात्रा, उनके द्वारा सामना किए गए भेदभाव और चुनौतियों का विवरण इस पुस्तक में शामिल है। इस पुस्तक के माध्यम से, लेखक मोहनलाल मिश्रा 'धीरज' ने शरणार्थी समस्या को एक मानवीय आयाम देने की कोशिश की है। वे यह समझाने का प्रयास करते हैं कि शरणार्थी सिर्फ आंकड़े नहीं हैं; वे ऐसे व्यक्ति हैं जिनके पास अपनी कहानियां, सपने और आशाएं हैं। इस पुस्तक के द्वारा, लेखक ने शरणार्थियों के प्रति समाज की समझ और सहानुभूति बढ़ाने का प्रयास किया है, और यह दिखाया है कि कैसे मानवता और समझदारी से इस समस्या का समाधान खोजा जा सकता है।

ISBN
9789355849601
Språk
Hindi
Vikt
310 gram
Utgivningsdatum
2023-02-01
Sidor
252