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Devangna (????????)
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Devangna (????????)

Författare:
inbunden, 2024
Hindi
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'देवांगना' उपन्यास बारहवीं शताब्दी के अन्तिम चरण की घटनाओं पर आधारित है। इस समय विक्रमशिला-उदन्तपुरी-वज्रासन और नालन्दा विश्वविद्यालय वज्रायन और सहजयान सम्प्रदायों के केन्द्र स्थली हो रहे थे तथा उनके प्रभाव से भारतीय हिन्दू-शैव-शाक्त भी वाममार्ग में फँस रहे थे। इस प्रकार धर्म के नाम पर अधर्म और नीति के नाम पर अनीति का ही बोलबाला था। इस उपन्यास में उसी काल की पूर्वी भारतीय जीवन की कथा उपस्थित है।
यह उपन्यास एक बौद्ध भिक्षु दिवोदास के विद्रोह की कहानी है जो धर्म के नाम पर होने वाले दुराचारों के खिलाफ खड़ा हो जाता है। उसे पागल कहकर, कारागार में डाल दिया जाता है। वह देवदासी और सेवक के माध्यम से धर्म के नाम पर होने वाले अत्याचारों का भंडाफोड़ करता है।

ISBN
9789355993465
Språk
Hindi
Vikt
295 gram
Utgivningsdatum
2024-02-02
Sidor
114