
Desh Pukar Raha hai (desh prem ki anuthi kahaniyan ) (Edition1st)
मुझे विश्वास है कि 'देश पुकार रहा है' मैं देश के लिए तन-मन-धन कुरबान करने वाले सच्चे वीर और साहसी भारतीयों की ये गौरव गाथाएँ पाठकों के मन को बाँध लेंगी, और उनके अंदर भी देश के लिए कुछ करने की भावना पैदा होगी। वे इस पुस्तक को खुद तो पढ़ेंगे ही, अपने दोस्तों को भी जरूर पढ़वाना चाहेंगे।
- Författare
- Prakash Manu
- ISBN
- 9789371225991
- Språk
- Hindi
- Vikt
- 310 gram
- Utgivningsdatum
- 2025-09-24
- Förlag
- DIAMOND BOOKS
- Sidor
- 322
