
Attam Sangeet
कहानियाँ और बच्चे भी सुनते थे, मैं भी । पर मेरे लिए कहानी की दुनिया कुछ और थी। वह मुझे भी कुछ का कुछ बना देती । और मैं भूल जाता कि मैं कौन हूँ। कहानी के पात्र भी उँगली पकड़कर, मुझे पता नहीं कहाँ-कहाँ घुमाते रहते। और मैं दीवानों-सा एक साथ कई-कई दुनियाओं में घूमकर लौटता, तो अपनी दुनिया भी मुझे कुछ बदली - बदली सी लगती।
- Författare
- Prakash Manu
- ISBN
- 9789356846593
- Språk
- Hindi
- Vikt
- 310 gram
- Utgivningsdatum
- 2023-04-27
- Förlag
- DIAMOND BOOKS
- Sidor
- 386
