
Shyama Prasad Mukherjee
डॉ. मुखर्जी एकमात्र ऐसे नेता थे, जिन्होंने न केवल स्वतंत्रता से पहले देश के लिए संघर्ष किया, बल्कि स्वतंत्रता के बाद देश की एकजुटता के लिए प्राण दिए । 1950 में जब 'नेहरू-लियाकत' समझौता हुआ और बंगाली हिन्दू अल्पसंख्यकों के हितों पर कुठाराघात हुआ तो उन्होंने केंद्र सरकार से त्यागपत्र दे दिया । जो उन्होंने कश्मीर के लिए किया, वह भारतीय अस्मिता बचाए रखने के लिए किया ।
- Författare
- Harish Dutt Sharma
- ISBN
- 9788128810367
- Språk
- Hindi
- Vikt
- 310 gram
- Utgivningsdatum
- 2005-06-01
- Förlag
- DIAMOND BOOKS
- Sidor
- 144