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Shresth Se shresthtam Kaise Bane (Edition1st)
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Shresth Se shresthtam Kaise Bane (Edition1st)

इस पुस्तक का सबसे महान संदेश यह है कि मानव आत्मा अचूक और अपराजेय है और परमात्मा ने प्रत्येक मानव में एक असाधारण सामर्थ्य का बीज डाला है। और यदि कोई व्यक्ति अपने उस पूर्ण सामर्थ्य तक नहीं पहुँच पाता, तो दोष उस व्यक्ति में नहीं, बल्कि उसके चारों ओर के वातावरण, सामाजिक ढांचे और परिस्थितियों में होता है।
यह एक आत्म-सहायता रूपी मार्गदर्शिका है, जो न केवल आत्मसुधार में सहायक है, बल्कि आत्मविकास, आत्मपरिष्कार और आत्मशांति की ओर भी ले जाती है। मैं डॉ. वी. के. शेखर की दार्शनिक गहराई को समझने की क्षमता और उसे सामान्य पाठकों के लिए बोधगम्य, रोचक और ग्राह्य रूप में प्रस्तुत करने की प्रतिभा से अभिभूत हूँ।
ISBN
9789371228794
Språk
Hindi
Vikt
310 gram
Utgivningsdatum
18.7.2025
Sidor
194