
Sahaj Yog
जागो वसंत ऋतु द्वार पर दस्तक दे रही है। फूटो टूटने दो इस बीज को। तुम जो होने को हो वह होकर ही जाना है। कल पर मत टालो। जिसने कल पर टाला, सदा के लिए टाला। अभी या कभी नहीं यही वज्रयान का उदघोष है।
ओशो
पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदु
* स्मृति ज्ञान नहीं है; ज्ञान अनुभव का नाम है
* धर्म का संबंध जन्म से नहीं है--स्वयं की खोज से है
* क्या सहज-योग समर्पण का ही दूसरा नाम नहीं है?
* क्या जीवन सच ही बस एक नाटक है?
* सहज-योग का आधार साक्षी
*जीवन का शीर्षक प्रेम
- ISBN
- 9789390088690
- Språk
- Hindi
- Vikt
- 310 gram
- Utgivningsdatum
- 11.2.2021
- Förlag
- DIAMOND BOOKS
- Sidor
- 380