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Premchandra ki prasiddh 31 kahaniyan
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Premchandra ki prasiddh 31 kahaniyan

प्रेमचंद की रचनाओं में उत्प्रेरक शक्ति निहित है। उनकी कहानियाँ पाठकों को सामाजिक असमानताओं के प्रति जागरूक करती हैं, उन्हें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का अहसास कराती हैं और व्यक्तिगत एवं सामाजिक सुधार की दिशा में प्रेरित करती हैं। इस पुस्तक के माध्यम से पाठक प्रेमचंद के सामाजिक दृष्टिकोण को गहराई से समझ सकते हैं, उनकी लेखनी की विविधता का अनुभव कर सकते हैं, और समाज में व्याप्त असमानताओं एवं विकृतियों को पहचान सकते हैं। पुस्तक में संकलित 31 कहानियाँ हमें केवल एक लेखक की दृष्टि से परिचित नहीं करातीं, बल्कि वे एक समाज सुधारक की भूमिका को भी स्थापित करती हैं। प्रेमचंद की रचनाएँ आज भी प्रासंगिक हैं, क्योंकि उन्होंने जिस सामाजिक संघर्ष को अपनी कहानियों में व्यक्त किया, वह आज भी समाज के विभिन्न हिस्सों में महसूस किया जाता है। इस पुस्तक को पढ़कर पाठक न केवल मनोरंजन प्राप्त करेंगे, बल्कि उन्हें अपने आसपास की दुनिया को बेहतर समझने की दिशा मिलेगी। यह कृति न केवल साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी देती है, जो आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है।
ISBN
9789367935477
Språk
Hindi
Vikt
310 gram
Utgivningsdatum
14.1.2025
Sidor
290