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Misuse
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Misuse

Författare:
pocket, 2023
Hindi
कभी शेर, चीता, सांप, लोमड़ी की बलि नहीं दी जाती है । इंसान यह समझता है कि आत्मा और परमात्मा को गाय, भैंस, बकरी की बलि से ही संतुष्टि प्राप्त होती है । इसी प्रकार आज सक्षम और सुदृण अपराधियों की रक्षा और हजारों करोड़ के व्यापार की रूपरेखा के लिए कमजोर और बेबस लोगों की बलि दी जा रही है, ताकि डर बना रहे। डर एक अनुभूति है, जरूरत है व तरकीब है । डर एक व्यापार है और शासन व प्रशासन का हथियार है ।सत्ता, कीमत और महत्वकांक्षाओ के निर्धारण का सबसे सरल व सुलभ रास्ता डर पर निर्भर करता है । डर के द्वारा ही सत्ता को कायम रखा जा सकता है, मनचाही कीमत प्राप्त की जा सकती है, और किसी भी क्षेत्र में डर के द्वारा निजी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति की जा सकती है । इसी डर को बनाएं रखने के लिए सदियों से वर्तमान समय तक आहुति और बलि दी जा रही हैं और इसी प्रकार चलता रहा तो दी जाती रहेंगी । पाषाण युग से आधुनिकता तक इंसान का आना और अपने आप को सभ्य और सक्षम बनाना, प्रत्येक पद पर दोषारोपण करना और वर्तमान में शक्ति व सत्ता का प्रदर्शन, अपने आप को सर्वोपरि दिखाते हुए अपने आप को सही और दूसरों को गलत साबित करने की प्रवृत्ति इंसान के जहन से कभी नहीं निकली । समय पर काबू पाने की उसकी लालसा और अनुकूल समय का खुद व विपरीत समय का उत्तरदाई किसी और को दिखाते हुए दोषारोपण द्वारा अपने आप को सर्वोपरि व शक्तिशाली बताना व अपने स्वार्थों की पूर्ति करना ही, इंसान के आदि से अंत तक के सफर को पूर्ण करता है। Email id: misuse09impact@gmail.com Mobile No.: 7300284589
ISBN
9789394670204
Språk
Hindi
Vikt
318 gram
Utgivningsdatum
30.3.2023
Sidor
292