
karmbhumi (Edition2024)
उपन्यास का मुख्य पात्र अमर कुमार है, जो एक शिक्षित और जागरूक युवा है। अमर का संघर्ष आत्म-साक्षात्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच चलता रहता है। वह जातिवाद, धार्मिक कट्टरता, और सामाजिक अन्याय के खिलाफ खड़ा होता है और समाज में सुधार लाने के लिए संघर्ष करता है। अमर की पत्नी सुधा भी एक प्रमुख पात्र है, जो पारंपरिक नारी से हटकर एक स्वावलंबी और स्वतंत्र विचारों वाली महिला के रूप में उभरती है।
'कर्मभूमि' में प्रेमचंद ने गांधीवादी विचारधारा, सत्याग्रह, और अहिंसा के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन की बात की है। उपन्यास में किसानों की समस्याएं, शिक्षा का महत्व, और महिलाओं की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाया गया है।
प्रेमचंद ने इस उपन्यास के माध्यम से यह संदेश दिया है कि सच्ची 'कर्मभूमि' वही है जहाँ व्यक्ति अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए समाज और देश के लिए समर्पित हो। 'कर्मभूमि' में भारतीय समाज की जटिलताओं और संघर्षों को जिस संवेदनशीलता और यथार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है, वह इसे प्रेमचंद की एक अमूल्य कृति बनाता है।
- ISBN
- 9789361915994
- Språk
- Hindi
- Vikt
- 310 gram
- Utgivningsdatum
- 1.1.2024
- Förlag
- Swan Books
- Sidor
- 294