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Shaikshanik Margdarshan Va Samupdeshan
Spara

Shaikshanik Margdarshan Va Samupdeshan

Författare:
Marathi
हिंदुस्तान में हिंदू का अस्तित्व निश्चय ही उस समय चिंता और चिंतन का विषय बन जाता है जब हिंदू विरोध की राजनीति, हिंदू विरोध का साहित्य और देश के विद्यालयों में हिंदू विरोध का पाठ्यक्रम देखा जाता है। हमें यह समझ लेना चाहिए कि हिंदुस्तान हिंदुओं की अंतिम शरणस्थली है। यदि इसके लिए यहां भी दमघोंटू परिस्थितियां बनाई जाएंगी तो समझ लीजिए कि यहां से हिंदू को संसार के किसी अन्य देश में जाने का अवसर नहीं मिलेगा। ऐसे में उसे या तो धर्मातरण करना होगा या फिर मृत्यु को गले लगाना होगा।
डॉ. राकेश कुमार आर्य ने इस पुस्तक के माध्यम से अनेक तथ्यों को हमारे सामने लाकर इस बात पर बल दिया है कि जहां- जहां मुस्लिम बहुल क्षेत्र या मुस्लिम बहुल प्रदेश बढ़ते बनते जा रहे हैं वहां - वहां हिंदू के अस्तित्व के लिए संकट उत्पन्न हो गया है। पूर्वोत्तर भारत में जिस प्रकार ईसाइयों का वर्चस्व बढ़ा है उसने वहां पर हिंदू के लिए जीना दूभर कर दिया है।
Författare
Shashi Sarvade
ISBN
9788184830514
Språk
Marathi
Vikt
310 gram
Utgivningsdatum
2008-12-01
Sidor
206